Traffic Rules In India

4 ट्रैफिक नियम जिनका पालन भारतीय नहीं करते vs. विदेशी (Foreign) Rules | Traffic Rules In India

1. पैदल यात्री का अनादर करना – Disrespecting Pedestrians

विचारों में अंतर

विदेश में: पैदल यात्री प्रथम, हम प्रतीक्षा करेंगे (Pedestrian First, We’ll Wait As Long As It Takes)

परिस्थिति कैसी भी हो, कितनी भी जरूरी क्यों न हो।

पैदल चलने वालों को हमेशा सड़क पार करने को प्राथमिकता (Priority) दी जाती है।

हालांकि वाहन प्राथमिक सड़क उपयोगकर्ता (Primary Road Users) हैं, फिर भी पैदल चलने वालों को पहले रास्ता दिया जाता है।

Shopping Areas के पास भी, वाहन 10 kmph से अधिक गति से नहीं चला सकते, भले ही कोई पैदल यात्री मौजूद न हो।

दोनों आंखें व्यापक रूप से खुली रखना महत्वपूर्ण है। बाएँ और दाएँ दोनों सिरों पर Mind को Alert रखें।

यदि इस कानून को तोड़ा जाता है तो गंभीर जुर्माना है, लाइसेंस भी लिया जासकता है।

विदेशों में पैदल यात्री Pedestrian Crossing (Zebra Crossing) सिग्नल बटन का भी उपयोग करते हैं। और यह सेवा भारत में उपलब्ध नहीं है।

भारत में: पहले हम निकलेंगे, तुम अपनी जान संभालो (I’ll Move First, You Safeguard Your Life)

भारत के सड़क उपयोगकर्ता (Road Users) अपने स्वयं के मार्ग के नियम बनाते हैं। अगर उन्हें किसी व्यक्ति को रास्ता देने का मन करता है, तो वे करते हैं।

सड़क के कुछ हद तक Clear होने तक ज्यादातर समय पैदल चलने वालों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।

भले ही कोई सड़क पार करने के लिए थोड़ी सुरक्षित हो, फिर भी भारत में पैदल चलने वालों को दूसरे End तक पहुंचने के लिए Rush या दौड़ना पड़ता है। क्यों? क्योंकि वाहन चालक धीमा करने के लिए बमुश्किल (Barely) ब्रेक का उपयोग करता है।

वह खुद को ड्राइवर होने को प्राथमिकता (Prioritize) देना चाहता है, दुर्भाग्य से, सड़क पार करने वाले व्यक्ति को माध्यमिक (Secondary) माना जाता है।


2. गति की परवाह नहीं करना (Being Careless About The Speed Limit)

विदेश में: We’ll follow the speed limit signs, maintaining safety for ourselves and others

संयुक्त राज्य The United States, UK, Australia, Canada, और इसी तरह के देशों में विभिन्न क्षेत्रों में एक निर्धारित सीमा (Set Limit) होती है।

उदाहरण के लिए, आवासीय क्षेत्र (Residential Area) की Speed Limit 30 या 50 km प्रति घंटे होगी।

मुख्य सेवा सड़कें लगभग 80 किमी प्रति घंटे। Freeway में 100 km प्रति घंटा। और Country-Side की सड़कें 60 से 110 kmph के बीच होती है।

सड़क उपयोगकर्ता जहां भी Drive करते हैं, गति सीमा के संकेतों का पालन करते हैं।
गति का पता लगाने वाले Camera भी ड्राइवरों को गति सीमित (Speed Control) करने के लिए मजबूर करने में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं। इस कानून को तोड़ने की सजा गंभीर है।

भारत में: Speed Limit, वो क्या होता है?

आपको आश्चर्य होगा! जब मैं पहली बार Australia आना हुआ, तो मुझे नहीं पता था कि यहां लोग Speed Limit के Signs का पालन करते हैं।

क्योंकि हमने भारत में होने के कारण किसी भी ड्राइवर को गति सीमा के बारे में बात करते हुए मुश्किल से सुना है।

यहां तक ​​कि मैंने ट्रैफिक पुलिस द्वारा Speed Limit Sign का पालन नहीं करने वाले वाहन को दंडित करने के बारे में कभी नहीं सुना।

आपका इस बारे में क्या कहना है?


3. भारी वाहनों से ओवरलोड माल ले जाना (Overloaded Goods Carried By Heavy Vehicles)

निर्माता (Manufacturer) द्वारा निर्धारित प्रत्येक वाहन का अपना GVM (सकल वाहन द्रव्यमान – Gross Vehicle Mass) होता है।

इसमें वाहन का वजन, यात्री, सामान और ईंधन शामिल है।

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके वाहन में अतिरिक्त जगह (Extra Space) है या नहीं। भार वहन (Carried Weight) उपलब्ध स्थान (Space) से नहीं बल्कि उत्पादन कंपनी द्वारा निर्धारित क्षमता (Set Capacity) से निर्धारित होता है।

विदेश में: GVW – Done!

भारी वाहनों को GVW (सकल वाहन भार – Gross Vehicle Weight) Calculator से गुजरना पड़ता है।

यह कदम एक निश्चित किलो कार्गो द्वारा किया जाता है। वह माल जो किसी वाहन पर लादना हो। यह पूरी तरह से लोड किए जाने वाले वाहन की अधिकतम सीमा (Maximum Capacity) पर आधारित है।

इससे बड़े वाहन आसानी से वाहन को नियंत्रित (Control) कर सकते है। और बिना किसी दुर्घटना के अपने गंतव्य (Destination) तक पहुंच सकते हैं।

अतिरिक्त सामान खींचते (Towing) समय भी यही नियम लागू होता है।

यह सड़क की अच्छी स्थिति बनाए रखने में भी मदद करता है।

अतिरिक्त: विदेश में, जब एक अत्यंत भारी और विशाल वाहन सड़क पर होता है। केवल अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं को चेतावनी देने के लिए नियुक्त 2 कारों की मदद सौंपने का नियम है। एक कार बड़े वाहन के आगे और दूसरी उसके पीछे चलती है।

दोनों कारों के ऊपर ‘Heavy Vehicle On The Road’ या ‘Heavy Vehicle Ahead’ जैसा एक चेतावनी चिन्ह होता है।

भारत में: और छडाओ, बोहोत जगह है गाड़ी में।

भारत में भारी वाहन Operators को इसे Overload करने की परवाह नहीं होती है। वे लोड करने के लिए सोचते हैं, जितना ज्यादा लोड उतनी कम यात्रा (Lesser Trip)।

उन्हें नहीं पता कि यह नियंत्रण (Control) के मामले में वाहन के कामकाज (Functioning) को कितना बुरी तरह प्रभावित करेगा।

और अक्सर आप Highway पर टायर फटने की भयानक आवाज सुनेंगे।

यह आमतौर पर तब होता है जब वाहन ओवरलोड हो जाता है, और तेज गति से चलाया जाता है।

भारतीय वाहनों में कोई विशेष चेतावनी या संकेत नहीं होते हैं। लेकिन पुराने जमाने का बना हुआ मुहावरा ‘हॉर्न प्लीज ओके’ ज़रूर होता है।


4. वाहन रखरखाव (Vehicle Maintenance)

भारत में

एक Headlight काम नहीं कर रही है? जवाब आता है: कोई समस्या नहीं है, दूसरा अच्छा काम कर रहा है।

धुंआ छोड़ने वाली एक गैर-सेवारत कार के बारे में क्या? इसे बाद में ठीक कर देंगे।

क्या horn, mirror, और brake सभी ठीक से काम कर रहे हैं? ऐसी आशा है!

आपने पिछली बार कार कब धोई थी? 2 महीने पहले।

अभी भी गंदा और मैला क्यों? प्रदूषण भाई, प्रदूषण!

सभी भारतीय Drivers लापरवाह नहीं हैं, लेकिन कुछ निश्चित रूप से हैं।

नोट: वाहन की स्थिति को बनाए रखने का इरादा अपने वाहन से प्यार करना और पैसे बचाना नहीं है। लेकिन अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की परवाह करने के लिए Vehicle Maintenance जरूरी है।

विदेश में

अनुसूचित रखरखाव (Scheduled Maintenance) का पालन किया जाता है। यदि एक टूटा हुआ Mirror या गैर-कार्यशील (Non-Functioning) Headlight देखा गया तोह पुलिस द्वारा आप मुश्किल में आ सकते हैं।

वे कुछ सवाल पूछते हैं:

License, please!

Did you realize your vehicle’s headlight ain’t working?

क्या आपको एहसास हुआ कि आपके वाहन की हेडलाइट काम नहीं कर रही है?

How long have you been driving in this condition?

आप कब से इस हालत में गाड़ी चला रहे हैं?

You are aware of how dangerous it is, right?

आप जानते हैं कि यह कितना खतरनाक है, है ना?

और चालक को गंभीरता के आधार पर जुर्माना मिलता है।

जब आप दोषी हों तो गलती को स्वीकार करें और कहें कि आप इसे जल्द से जल्द ठीक कर देंगे। जितना अधिक आप बहस करेंगे, उतना ही आप परेशानी में पड़ेंगे।

हो सकता है कि किसी को घर वापस कार चलाने के लिए भी न मिले। वाहन की स्थिति खराब होने पर उसे Tow किया जाता है।


Conclusion On ट्रैफिक नियम जिनका पालन भारतीय नहीं करते (4 Traffic Rules In India Are’t Followed)

Road Rules में बदला लाने के लिए हमें अपनी Driving में सुधार लाने की जरूरत है। Drive करते समय हमारा स्वभाव विनम्र (Polite) और शांत (Calm) होना चाहिए।

आपके नियम पालन करने से अगर दसरे वाहन उपयोगकर्ताओं को समस्या होती है तो होने दे। चाहे वो आप पर गरजे या गालियों की बौछार करदे। आप किसी भी बात पर प्रतिक्रिया (React) ना करे।

किसी भी वजह से कहीं आपको जवाब ना देने पर खतरा महसूस हो। तो तुरंत 100 डायल करे। अंजान शहर में, हो सके तो पुलिस स्टेशन की ओर अपना नक्शा (Map) Navigate करे।

क्या आप इन 4 Traffic Rules In India (यातायात नियमों) में से किसी एक से भी Relate करते हो?

अपनी राय Share करें। आइए भारतीय ड्राइवरों के लिए मूल्य (Value) और कुछ शिक्षाएं (Teachings) जोड़ें!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *